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सड़क यातायात सुरक्षा और सुगमता

औसतन भारत के लोग साल का लगभग एक महीना यातायात में बिताते हैं, जिसमें से अधिकांश समय सड़क पर व्यतीत होता है और पूरे जीवन में भारत के शहरों में रहने वाले लोग जीवन के 5 वर्ष सड़कों पर आवाजाही में व्यतीत करते हैं।   

इसलिए अति आवश्यक है सड़क के सुरक्षा चिन्हों को समझकर सुरक्षित तरह से वाहन में सवारी करन। 

दुर्भाग्यवश भारत में सड़क हादसों ने कोरोना महामारी से कई अधिक जानें ली और लाखों लोगों को घायल किया है

सड़क मार्ग को सुरक्षित तरह से उपयोग करने के लिए विभिन्न चिन्ह और signs दिए होते है।  आप इनका सही उपयोग समझकर इनकी सहायता से अपनी और दूसरों की यात्रा को सुरक्षित बनाए रखें ।

सड़कों के मार्ग चिन्ह

एक सड़क आमतौर पर दो या उससे अधिकलेन या पथ में विभाजित होती है।  सड़क पर लेन के छोर दर्शाने के लिए सफ़ेद और पीली लकीरों का उपयोग किया जाता है, वाहन चलाते समय आपको इन मार्ग चिन्हों की सहायता से सुरक्षित तरीके से वाहन चलाना है।

सड़क की दिशा में बनी यह `लकीरें एक ट्रैककी तरह काम करती हैं, जिनके बीच में आपको वाहन चलाना होता है।इस अदृश्य ट्रैक को हलके नीले रंग में हाईलाइट किया गया है। 

चित्र – 1

वाहन लेन के मध्य में होने पर लेन के बाएं और दाएं ओर सुरक्षित गैप रहता है। 

चित्र – 2

वाहन को इन लकीरों के ऊपर न चलाएं केवल लेन बदलते हुए इनके ऊपर से जाएं। 

चित्र – 3

चित्र – 4

सड़क के साथ चलने वाली लकीरें दो प्रकार की होती हैं, एक है आंशिक लकीर और दूसरी है पूरी लकीर। 

आंशिक लकीर को आवश्यकता पड़ने पर पार करके मौजूदा लेन को बदला जा सकता है। 

(to be continued)

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